फ़ुरसत मिले कभी,
रोज के कामों से,
पैसों को पीछे भागने,
और दूसरों से आगे जाने से।
तो,एक काम करना
तुम कौन हो सवाल करना?
कभी सोचो, कितना खो दिया,
कितना बचाया होगा।
यहां रिश्तों को छोड़,
सब कुछ तुमने कमाया होगा।
तो,एक काम करना
तुम कौन हो सवाल करना?
जो पास है, क्या हमेशा साथ है ?
ऐसे तो सब यार है, लेकिन
मुसीबतों में कितनों ने दी उधार है,
मौका है, जान लो,
कौन सच्चा यार है
तो, एक काम करना
तुम कौन हो सवाल करना?
इतना आसान ना होगा,
ख़ुद से पूछना सवाल होगा,
देना पड़ेगा वक़्त खुद को,
तब जान पाओगे जवाब अपना।
तो, एक काम करना,
तुम कौन हो सवाल करना ?
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