Poetry

pehli mulaqat

Pehli Mulaqat

Pehli Mulaqat खुशी थी, हल्की उदासी थी, शायद ऐसी ही हमारी कहानी थी. मिलना भी था, बिछड़ना भी था, ना

forgive

Kahi toh hogi

Kahi toh hogi… Kahi toh hogi woh, Mujhe samje jo, mujhse thoda zyada. Jo kahaniyan sirf sune na, Unka hissa

जो अच्छी लगीं तुम

Kyun achi lagi tum

पहली नज़र का प्यार ना ही सही, कुछ तो  हुआ था, तुम्हे देखकर। सबसे अलग ,सबसे जुदा लगी तुम, यही

habits, मैं निकल चला हूं

मैं निकल चला हूं

खुद की तलाश में अपनी पहचान में, भीड़ को पीछे छोड़, में निकल चला हूं। लोगों की छोटी सोच से,